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कुदुरमाल में पांच घंटे चला रेस्क्यू, नदी में फंसी गौमाता को गौसेवकों ने सुरक्षित निकाला

कथरीमाल निवासी हरिओम केवट और प्रिंस ने नदी में उतरकर निभाई अहम भूमिका, सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चला बचाव अभियान

कुदुरमाल में पांच घंटे चला रेस्क्यू, नदी में फंसी गौमाता को गौसेवकों ने सुरक्षित निकाला
कुदुरमाल Voice RA News : में मानवता, साहस और गौसेवा की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। नदी के बीच फंसी एक गौमाता को निःस्वार्थ सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के गौसेवकों ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार, गौमाता नदी के बीच पहुंचकर फंस गई थी और स्वयं बाहर नहीं निकल पा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही गौसेवक मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित बचाने के लिए अभियान शुरू किया।

बचाव कार्य सुबह करीब 11 बजे प्रारंभ हुआ। इस दौरान कथरीमाल निवासी हरिओम केवट और प्रिंस साहस दिखाते हुए नदी में उतरे। दोनों काफी दूर तक तैरकर गौमाता के पास पहुंचे जहाँ पर उपस्थि गौ सेवाक राकेश वैष्णव,वेदांत साहू , तानु मीरी, करण यादव,राहुल,साहिल साहू,राहुल यादव,कान्हा साहू,गौरव साहू,निशांत उरांव,विजय,गुलशन एवं अन्य गौ सेवक उपस्थि रहेगौसेवकों के सहयोग से उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

नदी के बीच फंसी गौमाता को सुरक्षित निकालना आसान नहीं था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद गौसेवकों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार प्रयास करते रहे। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 4 बजे गौमाता को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया।

हरिओम केवट, प्रिंस और सभी गौसेवकों के साहस, मेहनत तथा निःस्वार्थ सेवा-भाव के कारण एक बेजुबान पशु की जान बच सकी। यह बचाव अभियान मानवता और गौसेवा का सराहनीय उदाहरण बन गया है।
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Hemant Kumar
VOICE RA REPORTER

Hemant Kumar

संवाददाता, VOICE RA

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