छत्तीसगढ़
खाकी का अचानक छापा: थाने में SSP के कड़क तेवरों से मचा हड़कंप, 3 कांस्टेबल लाइन अटैच
कड़क एसएसपी ने अपने जिले के एक थाने के 14 'झगड़ालू गांव' को पुलिस के रडार पर रखा है। वहां अचानक पहुंच कर उन्होंने जांच की तो हड़कंप मच गया और नप गए तीन पुलिस कर्मी।

बिलासपुर। 24 अगस्त 2026| न्यायधानी के पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एसएसपी रजनेश सिंह ने बिना किसी पूर्व सूचना के तखतपुर थाने में अचानक दस्तक दे दी। थाने के भीतर कदम रखते ही एसएसपी के तीखे तेवरों ने मातहतों के पसीने छुड़ा दिए। समीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क में गंभीर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए तखतपुर थाने में बरसों से खूंटा गाड़े बैठे तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (लाइन) अटैच कर दिया। अचानक हुई इस गाज के बाद से पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुल 79 गांवों में से 14 ग्राम ऐसे हैं, जिन्हें बार-बार होने वाले विवादों के चलते 'झगड़ालू ग्राम' के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में अवैध शराब की बिक्री, आपसी मारपीट और जमीनी विवाद की लगातार मिल रही शिकायतों को एसएसपी ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने थाना प्रभारी समेत समूचे अमले को इन 14 संवेदनशील गांवों पर परिंदों की तरह नजर रखने और अपराधियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का फरमान सुनाया।
खास बात यह रही कि लंबे समय से तखतपुर थाने में जमे कर्मचारी प्रकाश ठाकुर, ओंकार सिंह और आशीष वस्त्रकार की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार जन-शिकायतें मिल रही थीं। ये कर्मचारी बार-बार जोड़-तोड़ कर अपनी पोस्टिंग इसी थाने में करा लेते थे। क्राइम कंट्रोल और जनता से संवाद में विफल रहने पर एसएसपी ने ऑन-द-स्पॉट एक्शन लेते हुए तीनों को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही अवैध शराब के धंधे में बार-बार पकड़े जाने वाले आरोपियों पर बाउंड ओवर की शर्त तोड़ने पर सीधे जुर्माना वसूली और अवैध कारोबार में शामिल महिलाओं को महिला स्व-सहायता समूहों के जरिए वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने के अनोखे निर्देश भी दिए।
बीट प्रभारियों को अल्टीमेटम: गांवों की कुंडली उकेरो, वरना होगी कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि बीट कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के हर एक अपराधी, विवादित मामलों और स्थानीय समस्याओं का पूरा 'कच्चा चिट्ठा' जुबानी याद होना चाहिए। 'झगड़ालू गांवों' में पनपने वाले अपराधों का पूरा डेटा तैयार कर समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, संगठित रूप से अपराध सिंडिकेट चलाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 के तहत कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस टीम को खुली छूट दी गई है।
CM हेल्पलाइन की 19 शिकायतों पर सीधी क्लास
निरीक्षण के दौरान एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस अनुविभागीय अधिकारी SDOP कोटा नूपुर उपाध्याय की मौजूदगी में सीएम हेल्पलाइन में लंबित 19 शिकायतों और पेंडिंग चरित्र सत्यापन प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा की। कप्तान ने मातहतों को सख्त हिदायत दी कि आम जनता की शिकायतों का निराकरण केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण और तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों पर आगे भी इसी तरह का गाज गिरना तय माना जा रहा है।






