जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट द्वारा खैर और तेंदू सहित कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजा जा रहा था। इस नेटवर्क का कारोबार छत्तीसगढ़ से लेकर ओडिशा, मध्य प्रदेश और हरियाणा तक फैला होने की जानकारी सामने आई है।


जूटमिल पुलिस की कार्रवाई से खुला नेटवर्क
जूटमिल पुलिस की कार्रवाई के बाद वन तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस और वन विभाग के हाथ लगे हैं। प्रारंभिक जांच में अवैध रूप से लकड़ी की कटाई, संग्रहण और अंतर्राज्यीय स्तर पर परिवहन किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस और वन विभाग अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों, लकड़ी की सप्लाई चेन और कारोबार में शामिल अन्य राज्यों के नेटवर्क की जानकारी जुटा रहे हैं।
कई राज्यों तक फैला था अवैध कारोबार
बताया जा रहा है कि वन तस्करी का यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर लकड़ी की कटाई से लेकर दूसरे राज्यों तक उसकी सप्लाई करने का काम करता था। छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश से हरियाणा तक लकड़ियों की आवाजाही की कड़ियां जांच में सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
पुलिस और वन विभाग की इस कार्रवाई को वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।




