BREAKING
●कोरबा में शादीशुदा महिला से दुष्कर्म का आरोप: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का दावा, आसिफ खान गिरफ्तार●सरस्वती शिशु मंदिर फरसवानी में हुआ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन●कोरबा में महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या: घर से करीब 300 मीटर दूर मिली लाश, पति राजस्थान गए थे; खून से सना पत्थर जब्त●जांजगीर-चांपा में आकाशीय बिजली का कहर: सब्जी बाड़ी में गिरी बिजली, 3 की मौत, 4 लोग झुलसे●कांकेर में 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, जंगल में मिली पीड़िता; चार आरोपी गिरफ्तार●कोरबा में शादीशुदा महिला से दुष्कर्म का आरोप: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का दावा, आसिफ खान गिरफ्तार●सरस्वती शिशु मंदिर फरसवानी में हुआ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन●कोरबा में महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या: घर से करीब 300 मीटर दूर मिली लाश, पति राजस्थान गए थे; खून से सना पत्थर जब्त●जांजगीर-चांपा में आकाशीय बिजली का कहर: सब्जी बाड़ी में गिरी बिजली, 3 की मौत, 4 लोग झुलसे●कांकेर में 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, जंगल में मिली पीड़िता; चार आरोपी गिरफ्तार

स्कूलों में अब पढ़ाया जाए कानून! विधि छात्रों की बड़ी पहल, ‘Legal Literacy’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल की पुण्यतिथि पर विधि छात्रों ने रखा प्रस्ताव; कक्षा 6वीं से 12वीं तक कानूनी शिक्षा की मांग, सांसद-विधायक, अधिकारी और सैकड़ों नागरिकों ने जताया समर्थन

स्कूलों में अब पढ़ाया जाए कानून! विधि छात्रों की बड़ी पहल, ‘Legal Literacy’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग
जाँजगीर चांपा ( VOICE RA NEWS) 
18 सितम्बर 2026 बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जी की पुण्यतिथि पर आयोजित स्मृति समारोह इस बार एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल का गवाह बना। कार्यक्रम में विधि छात्रों ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में ‘कानूनी साक्षरता (Legal Literacy)’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई। विधि छात्रों का कहना है कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने अधिकारों, कर्तव्यों और रोजमर्रा की कानूनी प्रक्रियाओं की बुनियादी जानकारी भी मिलनी चाहिए।

विधि छात्र केशव जटवार के नेतृत्व में तैयार सामूहिक प्रस्ताव एवं मांग-पत्र का कार्यक्रम में वाचन किया गया। इसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक Legal Literacy को स्वतंत्र विषय अथवा Social Science, Civics या Life Skills के अंतर्गत व्यवस्थित मॉड्यूल के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया गया।

खबर की फोटो 1

सांसद-विधायक से लेकर कलेक्टर और एसपी के सामने रखा प्रस्ताव

खबर की फोटो 1

विधि छात्रों ने यह प्रस्ताव कार्यक्रम में उपस्थित सांसद, विधायक, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा। आयोजकों के अनुसार, मंच से प्रस्ताव की आवश्यकता और प्रासंगिकता को लेकर समर्थन व्यक्त किया गया।

खबर की फोटो 1

कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी हस्ताक्षर कर इस पहल के समर्थन में अपनी सहमति दर्ज कराई।

‘बच्चों को वकील नहीं, जागरूक नागरिक बनाना है’

मुख्य प्रस्तावक केशव जटवार ने कहा कि कानूनी साक्षरता का उद्देश्य बच्चों को वकील बनाना नहीं, बल्कि उन्हें इतना सक्षम बनाना है कि वे अपने मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं को समझ सकें।

उन्होंने कहा कि बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जी की पुण्यतिथि पर कानूनी जागरूकता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल उनके प्रति श्रद्धांजलि का एक सार्थक माध्यम हो सकती है।

स्कूलों में क्या-क्या पढ़ाने की मांग?

विधि छात्रों के प्रस्ताव में विद्यार्थियों को उम्र के अनुसार कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने की मांग की गई है। इनमें संविधान, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, बाल एवं महिला सुरक्षा, POCSO की बुनियादी जानकारी, FIR एवं शिकायत की सामान्य प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार, RTI, Legal Aid और Lok Adalat जैसे विषय शामिल हैं।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि कानूनी शिक्षा को कठिन कानूनी भाषा के बजाय सरल हिंदी और आवश्यकता अनुसार छत्तीसगढ़ी/स्थानीय भाषा में वास्तविक जीवन के उदाहरणों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जाए।

विधि विशेषज्ञ तैयार करें पाठ्यक्रम, स्कूलों में हो पायलट प्रोजेक्ट

विधि छात्रों ने पाठ्यक्रम तैयार करने में SCERT, विधि विशेषज्ञों, अधिवक्ताओं, विधि महाविद्यालयों एवं विधिक सेवा संस्थाओं की भागीदारी का सुझाव दिया है। साथ ही, शुरुआत में चयनित शासकीय और निजी विद्यालयों में Pilot Legal Literacy Programme शुरू कर उसके परिणामों के आधार पर पूरे प्रदेश में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा ज्ञापन

कार्यक्रम में मिले समर्थन के बाद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन की प्रतियां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, NCERT, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तथा राज्य शिक्षा विभाग/शिक्षा भवन, रायपुर को भेजे जाने की बात विधि छात्रों ने कही है। ज्ञापन के माध्यम से विद्यालयीन शिक्षा में कानूनी साक्षरता को व्यवस्थित रूप से शामिल करने के लिए नीतिगत निर्णय और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा।

इन विधि छात्रों ने निभाई अहम भूमिका

इस पहल के मुख्य प्रस्तावक केशव जटवार हैं। उनके साथ गिरधारी चंद्रा, राहुल यादव, इंद्रजीत कुर्रे, मेघा, गार्गी काहरा और लक्ष्मी नारायण आदित्य सहित अन्य विधि छात्र जुड़े हैं।

कार्यक्रम में विक्रम बघेल, हेमंत कुमार कैवर्त, करन धीवर, रवींद्र बंजारे, अक्षय रात्रे, भावना देवांगन और प्रियंका कश्यप सहित बड़ी संख्या में विधि के छात्र उपस्थित रहे। छात्रों ने प्रस्ताव को तैयार करने से लेकर इसके समर्थन में हस्ताक्षर अभियान तक सक्रिय सहभागिता निभाई।

विधि छात्रों का संदेश—कानून की जानकारी सिर्फ कानून के विद्यार्थियों तक सीमित क्यों?

विधि छात्रों के अनुसार, आज के समय में अधिकारों, कर्तव्यों, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार और कानूनी सहायता की बुनियादी जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी है। इसलिए इसकी शुरुआत स्कूल स्तर से किए जाने की मांग उठाई गई है, ताकि विद्यार्थी भविष्य में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने वाले जागरूक नागरिक के रूप में आगे बढ़ सकें।


Hemant Kumar
VOICE RA REPORTER

Hemant Kumar

संवाददाता, VOICE RA

6267512919hemantkaiwart901@gmail.com
खबर शेयर करें

छोटा लिंक शेयर करें। भेजने से पहले फोटो वाला Preview आने दें।

विज्ञापन1/3
VOICE RA विज्ञापन